मां Baglamukhi को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला शक्तिशाली हवन अनुष्ठान।
मां Baglamukhi को प्रसन्न करने और शत्रु बाधा निवारण के लिए किया जाने वाला विशेष हवन अनुष्ठान।
मां Baglamukhi की कृपा प्राप्ति और बड़ी बाधाओं के निवारण के लिए किया जाने वाला अत्यंत शक्तिशाली विशेष हवन अनुष्ठान।
मां Baglamukhi के मंत्रों का विशेष जाप, जो शत्रु शांति, बाधा निवारण और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है।
मां Baglamukhi के मंत्रों का सवा लाख जाप, जो विशेष साधना के रूप में मनोकामना पूर्ति और बाधा निवारण के लिए किया जाता है।
मां Baglamukhi के २५ लाख मंत्र जाप का यह विशेष अनुष्ठान शत्रु शांति, कार्य सिद्धि और जीवन की बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है।
मां Baglamukhi की कृपा प्राप्ति और शत्रु बाधा निवारण के लिए किया जाने वाला विशेष लाल मिर्च हवन अनुष्ठान।
मां Baglamukhi को प्रसन्न करने और शत्रु बाधा, नकारात्मक शक्तियों तथा जीवन की समस्याओं से रक्षा के लिए किया जाने वाला विशेष मिर्च हवन अनुष्ठान।
मां Baglamukhi की विशेष कृपा प्राप्ति, शत्रु निवारण और बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाने वाला शक्तिशाली हवन अनुष्ठान।
यह पूजन जीवन की हर रुकावट को दूर कर कार्यों में सफलता दिलाता है। इससे रुके हुए काम पूरे होते हैं और भाग्य का साथ मिलता है।
यदि किसी ने नकारात्मक ऊर्जा या तंत्र का प्रयोग किया हो, तो यह उसे नष्ट करता है। यह व्यक्ति की सुरक्षा के लिए एक अभेद्य कवच बनाता है।
यह शत्रुओं की बुद्धि और कुप्रयासों को रोकने (स्तंभन) के लिए अचूक है। इससे विरोधियों की चालें निष्प्रभावी हो जाती हैं।
कानूनी विवादों और मुकदमों में सत्य की जीत के लिए यह विशेष साधना है। यह विपक्षी के तर्कों को कमजोर कर न्याय दिलाने में सहायक है।
घर में सुख-समृद्धि और धन के नए स्रोत खोलने के लिए यह पूजन किया जाता है। इससे दरिद्रता का नाश होता है और बरकत आती है।
घर, व्यापार या बच्चों को लगी बुरी नजर के प्रभाव को हटाने के लिए यह प्रभावी है। इससे नकारात्मकता खत्म होती है और घर में शांति आती है।
कर्ज के भारी बोझ से दबबे लोगों के लिए यह पूजन मार्ग प्रशस्त करता है। इससे धन आगमन के साधन बनते हैं और कर्ज से छुटकारा मिलता है।
हल्दी और पवित्र जल से माँ का अभिषेक करने से हृदय की शुद्धि होती है। यह साधक की आंतरिक शक्ति और तेज को बढ़ाता है।
माँ के दिव्य अस्त्रों का पूजन शत्रुओं पर विजय और साहस प्रदान करता है। यह साधक को हर प्रकार के भय से मुक्त कर देता है।
मंत्र जप का अर्थ है माँ के दिव्य मंत्रों का नियमित उच्चारण करना। यह मानसिक शांति, भय से मुक्ति और दैनिक जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए किया जाता है।
पुरश्चरण एक पूर्ण अनुष्ठान है जिसमें मंत्र को 'जागृत' या 'सिद्ध' किया जाता है। इसमें मंत्र की एक विशाल संख्या (प्रायः 1.25 लाख) का जप एक निश्चित समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य है।